
Hindi Trending Shayari Status For WhatsApp
“वो मेरा होकर भी मेरा ना हो सका, यह मलाल उम्र भर रहेगा, चेहरा मुस्कुराएगा महफ़िल में, पर दिल अंदर से रोता रहेगा।” 🥀
एक ख्याल ही तो हूँ, याद रहे तो रख लेना, वरना सौ बहाने मिलेंगे मुझे भूल जाने के 😊
दर्द मुझको ढूंढ लेता है रोज़ नये बहाने से, वो हो गया है वाकिफ मेरे हर ठिकाने से ❤️
जिनकी हँसी खूबसूरत होती है, उनके जख्म काफी गहरे होते हैं 💔
“दर्द की अपनी ही एक जुबान होती है साहिब, जो आँखों से नहीं निकलता, वो खामोशियों में शोर करता है।” 💔
“मेरी खामोशी को मेरा गुरूर मत समझना, बस कुछ ज़ख्म ऐसे हैं जिन्हें लफ्ज़ों की ज़रूरत नहीं।” 🤫
मोहब्बत के मारे लोग फिर कहाँ मिलते हैं, ये मुरझाये हुए गुलाब हैं जो सिर्फ किताबों में मिलते हैं
कभी कभी इतनी शिद्दत से तुम्हारी याद आती है, मैं पलकें झुका देती हूँ और आँखें भीग जाती हैं 😥
“इतने भी बुरे नहीं थे हम कि भुला दिए जाते, बस कुछ दिमाग वाले लोगों को हमने दिल में जगह दे दी थी।” 💯
नीलामी की कगार पर आ गई है मेरी आंखें
तेरे ख्वाब वाकई बहुत मंहगे पड़े हमें
मुझे मालूम था की वो नही मिलेगा मुझे
उसे मालूम था मुझे इश्क है उससे
खुदगर्ज हैं लोग यहाँ मतलबी है ज़माना, बात अगर मेरी झूठी लगे तो कभी अपनों को भी आजमाना 💯
माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे धीरे, तेरे बदलने की रफ्तार से तो हवाएं भी हैरान हैं 🙄
“एक वक्त था जब ज़िन्दगी हसीन लगती थी, अब तो बस शाम ढलने का इंतज़ार रहता है ताकि अंधेरे में रो सकें।” 🌙
“वो अधूरा किस्सा ही सही, पर तेरा हिस्सा तो हूँ मैं, तू माने या ना माने, तेरी ज़िन्दगी का सबसे हसीन किस्सा हूँ मैं।” ❤️
“रिश्ता खत्म हुआ है, पर तेरी यादों की उम्र बहुत लंबी है।” ⌛
“अब शिकवे नहीं करते हम, बस फासले बना लेते हैं।” 🚩
ना ढूंढ मोहब्बत बाजारों में ये कहीं बिकती नहीं ये रहती है हमेशा दिलों में पर बेकदरों को दिखती नहीं
ना ढूंढ मोहब्बत बाजारों में ये कहीं बिकती नहीं ये रहती है हमेशा दिलों में पर बेकदरों को दिखती नहीं
शिकवा करने गए थे और इबादत सी हो गई,
तुझे भुलाने की ज़िद थी मगर तेरी आदत सी हो गई।
“वो जो कहता था कि ‘तुम्हारे बिना शाम नहीं ढलती’, आज उसे मेरी मौजूदगी से भी घुटन होने लगी है।” 🌄
कहने वाले का क्या जाता है, कमाल तो सहने वाला करता है ❤️
अब अगर होता है तमाशा मेरी जिंदगी का तो होने दो
तालियां तो मैंने भी बहुत बजाई है मेलों में
“मेरी आँखों के हल्कों को ज़रा गौर से देख ‘मुसाफ़िर’, ये वो खंडहर हैं जहाँ कभी ख्वाबों के महल हुआ करते थे।” 🏛️
“वो जो कहता था कि ‘तेरी मुस्कुराहट मेरी ज़िन्दगी है’, आज वही मेरी हर सिसकी की वजह बन बैठा है।” 🌑
“अब हमने भी सलीका बदल लिया है अपनी तन्हाई का, जो याद नहीं करते, हम उन्हें याद दिलाना भी भूल गए।” 🚩
“इतने भी सस्ते नहीं थे हम कि तुम जब चाहे आज़मा लेते, बस दिल की अमीरी थी जो तुम्हें अपना खुदा बना बैठे।” 💎
अक्सर उन लोगों के दिल टूटते हैं, जो सबका दिल रखने की कोशिश करते हैं 💯
जो पूरा न हो सका वो किस्सा हूँ मैं, छूटा हुआ ही सही तेरा हिस्सा हूँ मैं ❤️
शिकवा करने गए थे और इबादत सी हो गई,
तुझे भुलाने की ज़िद थी मगर तेरी आदत सी हो गई।
मतलब निकल जाने पर पलट के देखा भी नहीं,
रिश्ता उनकी नज़र में कल का अखबार हो गया
भरोसा जितना कीमती होता है,
धोखा उतना ही मंहंगा हो जाता है !!
“खत्म हुआ वो दौर जब हम हर किसी के लिए हाज़िर थे, अब जिसे कदर नहीं, उसे हमारा ज़िक्र तक नसीब नहीं।” 🛑
“हमने तो रब्ब से बस खुशियाँ माँगी थीं उसके लिए, किसे पता था कि उसकी खुशी में हमारा शामिल होना लिखा ही नहीं था।” 🙏
“सब कुछ बदल गया, बस एक मेरी आँखों की नमी वफादार निकली।” 💧
खामोशियों के बादल कुछ इस कदर बरसे…
वो हमारे लिए और हम उनके लिए के लिए तरसे
किसी ने क्या खूब कहा है, मोहब्बत नहीं यादें रुलाती हैं 😭
कभी मौका मिला तो हम किस्मत से जरूर शिकायत करेंगे, क्यों छोड़ जाते हैं वो लोग जिन्हें हम टूटकर चाहते हैं 😢
“अजीब कशमकश है इस मुसाफ़िर-ए-ज़िन्दगी की ‘साहिब’, मंज़िल की चाहत भी है और रास्तों से डर भी लगता है।” 🛤️
हवस ने पक्के मकान, बना लिये हैं जिस्मों में..
और सच्ची मुहब्बत किराये की झोपड़ी में, बीमार पड़ी है आज भी
नाराजगी भी बड़ी प्यारी सी चीज है,
चंद पलो मे प्यार को दुगुना कर देती हैं..
नहीं तुमसे कोई शिकायत बस इतनी सी इल्तिजा है, जो हाल कर गए हो कभी देखने मत आना 👿
एक सवेरा था जब हँसकर उठते थे हम, और आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है 🌄
इतना, आसान हूँ कि हर किसी को समझ आ जाता हूँ;
शायद तुमने ही पन्ने छोड़ छोड़ कर पढ़ा है मुझे।
“हमने तो अपनी खुशियाँ भी उसके कदमों में रख दी थीं, मगर उसे तो अपनी बर्बादी का ज़िम्मेदार भी हमीं को ठहराना था।” 💯
“किसी की परवाह उतनी ही करो जितनी वो तुम्हारी करे, वरना अक्सर कदर करने वाले बे-कदर कर दिए जाते हैं।” 🛑
“किसी की परवाह उतनी ही करो जितनी वो तुम्हारी करे, वरना अक्सर कदर करने वाले बे-कदर कर दिए जाते हैं।” 🛑
जिंदगी में कुछ जख्म ऐसे होते हैं जो कभी नहीं भरते, बस इंसान उन्हें छिपाने का हुनर सीख जाता है 💔
वक्त मिले तो बात कर लिया करो, मौत का सीजन चल रहा है पता नहीं कल क्या होगा ❤️💯
हमारे बाद नहीं आएगा उन्हें चाहत का ऐसा मज़ा…
वो लोगों से कहते फिरेंगे मुझे चाहो उसकी तरह…!!!
“उसे गुमान है कि वो जीत गया मुझे हराकर, पर उसे क्या पता कि मैंने उसे पाने की ज़िद में खुद को ही हारा था।” ♟️
कमाल करता है तू भी ऐ दिल, उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं
“थक गया हूँ मैं भी अपनी इस बनावटी हंसी को ढोते-ढोते, काश! कोई ऐसा होता जो मेरी खामोशी का मातम देख पाता।” 🌑
“मेरी चुप को मेरी हार समझना तुम्हारी नादानी है, समंदर अक्सर खामोश होता है बड़ी तबाही लाने से पहले।” 🌪️
काट कर मेरी जुबां कर गया खामोश मुझे,
बेखबर को नहीं मालूम की मन बोलता है !!
“इतने भी सस्ते नहीं थे हम कि तुम जब चाहे आज़मा लेते, बस दिल की सादगी थी जो तुम्हारी हर झूठ को सच मान बैठे।” 💎
“हमने तो रब्ब से बस उसकी खुशी मांगी थी, पर क्या पता था कि उसकी खुशी के लिए हमारा ही कुर्बान होना लिखा था।” 🙏
हँसता तो रोज हूँ, पर खुश हुए जमाना हो गया
बहुत अंदर तक तोड़ डालता है, वो अश्क जो आँखों से बह नहीं पाता
टूटी चीजें हमेशा परेशान करती हैं, जैसे दिल, नींद, भरोसा और सबसे ज्यादा किसी से उम्मीद
कैसे बयान करू अपने दर्द को,
सुनने वाले बहुत है पर महेसुस करने वाला कोई नहीं
“वो एक नाम जिसे सुनकर कभी धड़कनें रुक जाती थीं, आज उसे सुनकर बस एक ठंडी आह भर लेते हैं।” 🌫️
“तुम” याद आओगे यकीन था मुझे, इतना आओगे अंदाजा नहीं था
अक्सर खूबसूरत चेहरे दगा बड़े सलीके से देते हैं
जनाब तुम मोहब्बत की बात करते हो, हमने तो दोस्ती में भी धोखे खाये हैं
सामान बाधें हुए इस सोच में गुम हुँ,
जो कहीं के नहीं रहते वो कहाँ जाते है !!
नए लोग से आज कुछ तो सीखा है,
पहले अपने जैसा बनाते है फिर अकेला छोड़ देते है !!
यूँ पल-पल न मरते न रातों में रोते, काश हम मोहब्बत से अनजान होते
मुझे छोड़ दो मेरे हाल पे, जिंदा हूँ यार काफी है
इतना क्यों सिखाए जा रही हो जिंदगी, हमें कौन सी सदियाँ गुजारनी हैं यहाँ
फर्क नहीं पड़ता अब जो कोई दिल दुखाए, बता दो उन्हें घाव पर घाव दर्द नहीं करते
क्यों उसको याद करके तू आज भी रोता है, ये मतलबी दुनिया है मेरे दोस्त यहाँ कोई किसी का नहीं होता
कीसी की तलाश में मत नीकलो,
लोग खो नहीं जाते, बदल जाते है !!
तकदीर ने यह कहकर बङी तसल्ली दी है मुझे की,
वो लोग तेरे काबिल ही नहीं थे,जिन्हें मैंने दूर किया है !!
जिंदगी रही तो हर दिन तुम्हे याद करते रहेंगे, भूल गया तो समझ लेना खुदा ने हमें याद कर लिया।
“उसे फुर्सत नहीं मिली मेरी बर्बादी देखने से, और हम आज भी मशरूफ हैं उसकी खुशियाँ माँगने में।” 🕯️
वो मेरा नहीं फिर भी मेरा है, ये कैसी उम्मीद ने मुझे घेरा है ❤️
छोड़ कर जाने वाले क्या जाने, यादों का बोझ कितना भारी होता है 💔
माना कि मुझे प्यार करना नहीं आता, यह बता तुझे दिल तोड़ना किसने सिखाया
“अजीब कशमकश है ज़िन्दगी की, वो याद तो आता है पर साथ नहीं, शिकायतें तो बहुत हैं उससे, पर अब करने की औकात नहीं।” 😔
“उसे फुर्सत नहीं मिलती अपनी दुनिया से, और एक हम हैं जो उसकी यादों में ही अपनी दुनिया बसाए बैठे हैं।” 🕯️
उसे बोल दो कि मेरे ख्वाबों में ना आया करे, रोज आँख खुलती है और दिल टूट जाता है 💔
साथ मेरे बैठा था पर किसी और के करीब था, वो मेरा अपना सा लगने वाला किसी और का नसीब था 💔
“अब किसी के जाने का दुख नहीं होता हमें, क्योंकि हमने जान से प्यारे लोगों को अजनबी बनते देखा है।” 🍂
बात मोहब्बत की होती तो तुम मेरे बाँहों में होते मगर फैसला मुकद्दर का था हम तन्हा ही रह गए
तेरी मोहब्बत भी किराये के घर की तरह थी, कितना भी सजाया पर मेरी नहीं हुई 😔
काफी मिलती जुलती थी हमारी आदतें, न उसने पुकारा न मैंने पलट कर देखा 😊
“परवाह करने वाले अक्सर बेपरवाह कर दिए जाते हैं, ये कलयुग है साहिब, यहाँ पत्थर पूजे जाते हैं और इंसान तोड़े जाते हैं।” ⚒️
“बनना है तो किसी के ज़ख्म की दवा बनो, नमक लेकर तो यहाँ हर शख्स तैयार बैठा है।” 🩹
“सुकून की तलाश में अपनी तन्हाई से दोस्ती कर ली, क्योंकि इंसानों ने तो सिर्फ उम्मीदें दीं और फिर दिल तोड़ दिया।” 🙏
वो सुकून थी मेरा,
और सच बताऊं तो सिर दर्द भी.
सिर्फ मोहब्बत की होती तो भुला देते उन्हें, ये पागल दिल तो इबादत कर बैठा 💔
हमने इज़हार किया काफी इंतजार के बाद, हमें इंतजार ही मिला इज़हार के बाद 💔
अब अगर होता है तमाशा मेरी जिंदगी का तो होने दो
तालियां तो मैंने भी बहुत बजाई है मेलों में
“मोहब्बत अगर इबादत बन जाए, तो उसका मुकम्मल होना मुश्किल है।” ✨
मन था भर गया, इंसान था बदल गया 💯
एक वक्त था जब मोहब्बत की मिसाल देते थे लोग, अब जी भर जाये तो दिल से भी निकाल देते हैं लोग ❤️💯
तकलीफ ये नहीं कि किस्मत ने मुझे धोखा दिया, अफसोस तो ये है कि मेरा यकीन तुम पर था किस्मत पर नहीं ✖️
“उसूलों की ज़द में रहकर हम अपनी हस्ती मिटा बैठे, उसे पाने की हसरत में हम खुद को ही गंवा बैठे।” 🥀
“हमने तो अपनी वफ़ा को इबादत का दर्जा दिया था, पर उसे तो सिर्फ महफ़िलों की नुमाइश से मोहब्बत थी।” 🎭
“मेरी खामोशी को मेरा डर समझना तुम्हारी सबसे बड़ी भूल है, शेर जब दो कदम पीछे हटता है, तो वो शिकार की तैयारी होती है।” 🦁
“शिकायत अब ज़माने से नहीं, खुद की पसंद से है, कि जिसे हमने अपना समझा, वो तो हर किसी का निकला।” 💯
वो न ही मिलती तो अच्छा था, बेकार में मोहब्बत से नफरत हो गई ❤️
तूने तो कहा था हर शाम गुजरेगी तेरे साथ, तू बदल गया या तेरे शहर में शाम नहीं होती ❤️
बहुत_खामोशी से टूट गया,
वह_एक भरोसा जो_तुझपे था.
लिखने वाला हमारी तकदीर कभी कभी
टूटी हुई कलम से भी लिख देता है! 📝
“वो जो मेरी आँखों की नमी को समंदर कहता था, आज उसे मेरे डूबने की खबर तक नहीं पहुँची।” 🌊
“वक्त ने सिखा दिया है कि यहाँ कोई अपना नहीं होता, जब साया भी साथ छोड़ दे अंधेरे में, तो गैरों से क्या गिला करना।” 🌑
“किसी की तलाश में खुद को मत खो देना, क्योंकि जो तुम्हारा है, वो तुम्हें भीड़ में भी ढूँढ लेगा।” 🧭
“अब हम किसी के खास नहीं रहे, बस एक पुरानी बात हो गए।” 🌫️
शिकायतें नहीं करनी, बस इतना सुन लो, मैं खामोश हूँ और वजह तुम हो 😔
छोड़ दिया हमने अब उन गलियों से गुजरना, जहाँ हमें देखने के लिए कभी वो इंतज़ार किया करती थी
“वो जो कहता था कि ‘तेरी आँखों में मेरी दुनिया बसती है’, आज उन्हीं आँखों के आँसुओं को वो पानी समझ बैठा है।” 💧
“अब किसी के बदलने का गम नहीं होता हमें, क्योंकि हमने वक्त को भी मात देते हुए इंसानों को देखा है।” ⌛
ये वो जमाना है जिसकी जितनी परवाह करोगे, वो उतना ही बेपरवाह होकर मिलेगा 💯
इतनी बुरी भी ना थी जिंदगी जनाब, बस कुछ दिमाग वाले लोगों को दिल में जगह दे दी 😔
वक्त और हालात रिश्तों को बदल देते हैं, अब तेरा जिक्र होने पर हम बात बदल देते हैं
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो,
मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है !!
शौक़ नहीं है मुझे उदास रहने का,,
बस किसी की याद मुझे उदास कर देती है”
“वक़्त सब कुछ भुला देता है, ये महज़ एक दिलासा है, सच्चाई तो ये है कि इंसान को चुप रहने की आदत हो जाती है।” 🤫
बेहद हँसने वाले हम लोग, अक्सर अपने लिए दुआओं में मौत माँगते हैं 😭
मुस्कुराने के बहाने जल्दी खोजो, वरना जिंदगी रुलाने के मौके तलाश लेगी
जिनकी हँसी खूबसूरत होती है, उनके जख्म काफी गहरे होते हैं 💔
बनना है तो किसी के दर्द की दवा बनो, जख्म तो हर इंसान देता है
तुम बदले तो हम भी कहाँ पुराने से रहे,
तुम आने से रहे तो, हम भी बुलाने से रहे।
“मेरी खामोशी के मलबे में दफ़न है वो शहर, जहाँ कभी तेरी यादों की रौनक हुआ करती थी।” 🏛️
“अजीब मंज़र देखा है मैंने अपनी ही इस मोहब्बत का, शख्स वही है, लहज़ा बदल गया, और हम अजनबी हो गए।” 🎭
अपनी तन्हाई में तन्हा ही अच्छा हूँ, मुझे जरूरत नहीं दो पल के सहारों की 🙏
जो अपने बिना रहने की आदत डलवा दे उन्हें कोई हक़ नही ये कहने का…. अब तुम याद क्यों नही करते !!
वो मुझे जल्द ही भुल जाएगा
मै दुशमन थोडा हुँ जो उसे याद रहुँगा
“वो जो कहता था कि ‘तुम्हारे बिना ज़िन्दगी वीरान है’, आज वो किसी और के साथ अपनी महफ़िलें सजाए बैठा है।” 🥀
“अब किसी के बदलने का गिला नहीं करते हम, क्योंकि अपनी ही पसंद ने हमें सबसे बड़ा सबक सिखाया है।” 🦁
“सब बदल गए, अब मेरा भी हक़ बनता है।” 🦁
आज अचानक कोई मुझसे लिपट कर बहुत रोया, कुछ देर बाद एहसास हुआ ये तो मेरा ही साया है
हम तो हँसते हैं दूसरों को हँसाने के लिए, वरना जख्म तो इतने हैं कि ठीक से रोया भी नहीं जाता
मिले तो हजारों लोग थे जिंदगी में, मगर वो सबसे अलग था जो किस्मत में नहीं था
“ज़ख्म तो भर गए, पर जो निशान रह गए हैं, वो आज भी तुम्हारी बेवफाई का हिसाब मांगते हैं।” 📜
“मेरी आँखों के नीचे के ये गहरे घेरे गवाह हैं, कि मैंने कितनी रातें तुम्हारी यादों की चौकीदारी की है।” 🌑
वो लोग क्यों मिलते ही दिल में उतर जाते हैं, जिन लोगों से किस्मत के सितारे नहीं मिलते
मसला पाने का होता तो खुदा से छीन लेता, ख्वाहिश तुझे चाहने की है उम्र भर चलेगी
“भीड़ में भी जो अकेला है, समझ लो उसने मोहब्बत को करीब से देखा है।” 🚶♂️
वक़्त भी लेता है करवटे कैसी कैसी,
इतनी तो उम्र भी नहीं थी, जितने हमने सबक सीख लिए !!
लगी प्यास गज़ब की थी और पानी में जहर भी था,
पीते तो मर जाते और न पीते तो भी मर जाते !!
कौन खरीदेगा अब हीरो के दाम में तुम्हारे आँसु ,
वो जो दर्द का सौदागर था, मोहब्बत छोड़ दी उसने..
वो भी जिंदा है मैं भी जिंदा हूँ, कत्ल सिर्फ इश्क का हुआ है
सुनो तुम दर्द बनकर ही रह जाओ हमारे साथ, सुना है दर्द बहुत वक्त तक साथ रहता है
मौत से पहले भी एक मौत होती है, देखो जरा अपनी मोहब्बत से जुदा होकर
जब तक खुद पर ना गुजरे, एहसास और जज्बात मजाक लगते हैं
तुने अच्छा ही किया मुझे गलत समझकर, मैं भी थक गया हूँ खुद को साबित कर-कर के
ख़बर जहां मिलती है अपने होने की, हम उस मंजिल पर भी खोए खोए हैं।
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