
Hindi Shayari Status For WhatsApp
“वो ज़ख्म जो अपनों ने दिए, अब उन्हें गिना नहीं करते, हम टूटे हुए लोग हैं साहिब, अब दोबारा मिला नहीं करते।” 🥀
“वो ज़ख्म जो अपनों ने दिए, अब उन्हें गिना नहीं करते, हम टूटे हुए लोग हैं साहिब, अब दोबारा मिला नहीं करते।” 🥀
बहुत अकेले होते हैं वो लोग, जो खुद ही रूठ कर खुद ही मान जाते हैं !
“थक गया हूँ मैं भी अपनी झूठी शान दिखाते-दिखाते, खुद को ही भूल गया हूँ मैं, ज़माने को हँसाते-हँसाते।” 🃏
देखी है दरार आज मैंने आईने में, पता नहीं शीशा टूटा हुआ था या फिर मैं 🥺
हम तो बस जरूरत थे, जरूरी तो कोई और था 🥺
इंसान की आदत है ना मिले तो सब्र नहीं करता, और मिल जाए तो कद्र नहीं करता !
बहुत अंदर तक जला देती हैं, वो शिकायतें जो बयाँ नहीं होतीं 🔥
“किताबों से सीखा था कि वफ़ा क्या होती है, इंसानों ने सिखा दिया कि बेवफ़ाई क्या होती है।” 📖
“किताबों से सीखा था कि वफ़ा क्या होती है, इंसानों ने सिखा दिया कि बेवफ़ाई क्या होती है।” 📖
लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी, पर कलम से पहले आँसू कागज़ पर गिर गया 🥺
सोचता रहा ये रातभर करवट बदल बदल कर, जाने वो क्यों बदल गया मुझको इतना बदल कर 😊
“ज़रूरी नहीं कि हर रिश्ता मुकम्मल ही हो, कुछ अधूरे किस्से भी ज़िन्दगी को जीने का सलीका सिखा देते हैं।” 💯
“रात की तन्हाई जब मुझे गले लगाती है, तो कम्बख्त तेरी कमी और भी ज़्यादा सताती है।” 🌙
तेरी यादों को पसंद आ गई है मेरी आँखों की नमी, हँसना भी चाहूँ तो रुला देती है तेरी कमी 💔
“भीड़ में खो जाना मंज़ूर है, पर किसी की बेरुखी में जीना नहीं।” 🚶♂️
रोती हुई आंखें कभी झूठ नहीं बोलती क्योंकि आंसू तभी आते है जब अपना कोई दर्द देता है..!!
दुश्मनों की अब किसे जरूरत है, अपने ही काफी हैं दर्द देने के लिए ❤️
“एक उम्र गुज़ार दी हमने उसे अपना बनाने में, पर उसे पल भर न लगा हमें पराया बनाने में।” 🥀
“अब शिकवा करें भी तो भला किससे करें, यहाँ तो अपने ही हाथ में खंज़र लिए खड़े हैं।” 🔪
मुझे पसंद है वो लोग जो मुझे पसंद नहीं करते कम से कम अपना होने का दिखावा तो नहीं करते..
“थक गया हूँ मैं भी खुद को दिलासा देते-देते, कि सब ठीक हो जाएगा, बस थोड़ा वक्त और लगेगा।” ⏳
“थक गया हूँ मैं भी खुद को दिलासा देते-देते, कि सब ठीक हो जाएगा, बस थोड़ा वक्त और लगेगा।” ⏳
तस्वीर में साथ होने में और तकलीफ में साथ होने में बहुत फ़र्क होता है
“बदलते हुए लोगों के बारे में क्या ही कहें, यहाँ तो लोग वक्त के साथ अपनी ज़रूरत भी बदल लेते हैं।” 🍂
“इंसान की तलाश कभी खत्म नहीं होती, पहले दूसरों में खुद को ढूँढता है, फिर खुद में दूसरों को।” 🌌
टूटे हुए सपनों और छूटे हुए अपनों ने मार दिया, वरना खुशी खुद हमसे मुस्कुराना सीखने आया करती थी 😊
कौन कब, किसका और कितना अपना है
ये सिर्फ़ वक्त ही वक्त पर बताता है.. ।।
“अब हम न किसी के खास हैं और न किसी के आस-पास हैं।” 🚩
नींद भी नीलाम हो जाती है बाज़ार-ए-इश्क में, किसी को भूल कर सो जाना आसान नहीं होता ❤️
“एक मुलाकात की हसरत दिल में ही दफ़न रह गई, अलविदा भी उसने बस एक मैसेज पर कह दिया।” 📱
“ज़िन्दगी के उस मोड़ पर खड़े हैं हम, जहाँ से वापस जाना मुमकिन नहीं और आगे का रास्ता हमें मंज़ूर नहीं।” 🛤️
अब अकेला नहीं रहा मैं यारों …. मेरे साथ अब मेरी तन्हाई भी है।
इंतजार है मुझे जिंदगी की आखिरी पन्ने का, सुना है अंत में सब ठीक हो जाता है 😊
“हमें पराया होने का एहसास तब हुआ, जब उसने भीड़ में भी हमारा हाथ नहीं थामा।” 🚩
सच कहते हैं लोग मोहब्बत को पाने में मुश्किल नहीं, मुश्किल तो उसे भुलाने में होती है 💯💔
“अंदर के शोर को दबाने के लिए, बाहर से खामोश रहना बहुत ज़रूरी हो गया है।” 🤫
आज भी यकीन नहीं होता मुझे, क्या इतना आसान था इस इश्क से निकल जाना 🥺
“वो पूछते हैं कि हम इतने उदास क्यों हैं, अब उन्हें कौन बताए कि खुशी के हर दरवाज़े पर उनका नाम लिखा है।” 🚪
जब हमारे पास छोड़ जाने की लाखों वजह होती है पर फिर भी हम उनके साथ रहते हैं
सुना है दर्द अक्सर बेवफा लोग देते हैं, लेकिन हमारी दुनिया उजाड़ी है एक मासूम चेहरे ने 💔
“किसी की तलाश में खुद को मत खो देना, क्योंकि जो तुम्हारा है, उसे तुम्हें ढूँढने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।” ✨
अकेले जीना सीख लो ! मेरे दोस्तो आजकल कौन कब साथ छोड़ दें कुछ पता नहीं
कभी कभी शब्द नहीं होते तकलीफ बताने को बस दिल करता कोई समझ लें संभाल ले गले लगा ले..
“सब कुछ बदल गया, बस एक मेरी तन्हाई वफादार निकली।” 🌑
बड़ी हिम्मत दी उसकी जुदाई ने
ना ही किसी को खोने का डर है अभ
और ना ही किसी को पाने की चाह 😊
“नाम तो आज भी है तेरा मेरी ज़ुबान पर, पर अब आवाज़ में वो हक़ नहीं रहा।” 🎙️
“हम तो बस एक पुरानी याद बनकर रह गए हैं, वरना कभी हम भी किसी की पूरी ज़िन्दगी हुआ करते थे।” 🥀
एक बार फिर रास्ता भटक गए।” 🌊
तूने कैसे थामा होगा हाथ उसका, तेरी हथेली को भी आदत मेरी थी 🥺
शौक से तोड़ो दिल मेरा मुझे क्या परवाह,
तुम ही रहते हो इसमें अपना ही घर उजाडोगे…!!
आज फिर मेरे शहर में बारिश हो रही है, फिर किसी आशिक का दिल टूटा है 💔
“मेरी खामोशी का मतलब मेरा हारना नहीं है, बस कुछ जवाब मैंने वक्त के हाथ में छोड़ दिए हैं।” ⏳
“हम वो नहीं जो किसी के पैरों में गिरकर वफ़ा मांगें, हमें अपनी तन्हाई मंज़ूर है, पर किसी की रहम नहीं।” 🦁
“बड़े अदब से उसने मेरा हाथ छोड़ा था, मानो कह रहा हो कि अब तुम मेरे काबिल नहीं।” 💔
हमारी हँसी पे मत जाना, फूल तो कब्र पर भी होते हैं 🥀
मालूम है कि ख्वाब झूठे हैं और ख्वाहिशें अधूरी हैं, पर जिंदा रहने के लिए कुछ गलतफहमियाँ भी ज़रूरी हैं 💯
अब मैं अपना वक्त बर्बाद नहीं करता
जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता।
“अब किसी के बदलने का अफ़सोस नहीं होता, क्योंकि मैंने इंसानों को वक्त से पहले बदलते देखा है।” 🍂
थक गए थे परवाह करते करते
बड़ा सुकून सा है जब से लापरवाह हो गये है हम
“नींद तो अब आती नहीं, बस यादों का सिलसिला है, तेरी कमी का दर्द ही अब मेरा इकलौता हक़दार है।” 🕯️
मिली है किसी को बिन माँगे वो, हमें तो इबादत के बाद भी इंतजार ही मिला है 💔
“बेवफाओं की इस दुनियाँ में संभल कर चलना ऐ दोस्त”
यहाँ मोहब्बत से भी बर्बाद कर देते हैं लोग”
“बाहर तो मुस्कुरा कर मिल लेते हैं सबसे, पर अंदर ही अंदर एक दरिया बहता है आँसुओं का।” 🌊
दिल ए नादान तू भी अजीब पागल है, तुझे सिर्फ वो चाहिए जो तेरा हो नहीं सकता ❤️
“रिश्तों की खूबसूरती बस लफ्ज़ों में रह गई है, हकीकत में तो सब अपने मतलब का हिसाब रखते हैं।” ⚖️
“मेरी हँसी के पीछे का शोर कभी सुन कर देखना, कितने ख्वाब दफ़न किए हैं मैंने, कभी गिन कर देखना।” 😅
“मेरी हँसी के पीछे का शोर कभी सुन कर देखना, कितने ख्वाब दफ़न किए हैं मैंने, कभी गिन कर देखना।” 😅
जिंदगी भर बस एक ही सबक याद रखना
रिश्ते और इबादत में नियत साफ रखना
तू भी आईने की तरह बेवफा निकला, जो सामने आया उसी का हो गया ❤️
“वक्त ने बता दी सबकी असलियत हमें, वरना हम तो सबको अपना ही समझा करते थे।” 💯
शक नहीं यकीन हैं.. यहाँ कोई किसी का नहीं होता हैं..!!
घुटन सी होने लगी थी इश्क जताते जताते, हम खुद से रूठ गए थे किसी को मनाते मनाते 🥺
अजीब सा दर्द है इन दिनों यारों, न बताऊँ तो ‘कायर’, बताऊँ तो ‘शायर’ ❤️
“जिनकी बातों में कभी शहद घुला रहता था, आज उनकी खामोशी में भी ज़हर भरा रहता है।” 🐍
“सुकून ढूँढने निकला था दुनिया की भीड़ में,
वापस आया तो पता चला कि सुकून तो अपनी ही खामोशी में था।” 🌊
“ज़िन्दगी की कश्ती को हमने खुद ही किनारा न दिया, क्योंकि जिस लहर पर भरोसा था, उसी ने हमें सहारा न दिया।” 🛶
दुरीयों में ही परखे जाते हैं रिश्ते ,
आंखों के सामने तो सभी वफादार होते हैं
उठा कैमरा और खींच मेरी तस्वीर,
गरीब लोग हर रोज नहीं मुस्कुराया करते..!!
“तेरी यादों की कैद से रिहाई माँगी थी मैंने, पर ज़िन्दगी ने मुझे तन्हाई की उम्र-कैद सुना दी।” ⛓️
“शतरंज की चालों जैसा था इश्क उसका, मैं बस मोहरा बनकर रह गया।” ♟️
एक तरफा रहीं हमेशा मोहब्बत मेरी, किसी से खयालात न मिले किसी से हालात न मिले 😟
दिल छोटा ना कीजिये…
जो बदल रहा है उन्हे बदलने दीजिये…!
कुछ इस कदर खामोशी अच्छी लगी मुझे की दुबारा दिल खोल कर किसी से बात ही नही किया…!!!
“हम तो अपनी तन्हाई से भी मशवरा कर लेते हैं, पर गैरों की महफ़िल में अब दिल नहीं लगता।” 🕯️
“वो दर्द जो आँखों से नहीं निकलता, वही अंदर ही अंदर इंसान को राख कर देता है।” 🔥
“दुनिया के सामने मुस्कुराना पड़ता है ‘साहिब’, वरना यहाँ लोग तो आंसुओं का भी तमाशा बना देते हैं।” 🎭
नफरत करके बढेगी अहमियत उनकी, क्यों न माफ़ करके शर्मिंदा कर दिया जाये !!
अपने ही हमें खुश नहीं देखना चाहते, तो गैरों से क्या शिकायत 🙏
जिंदगी में जो लोग सबसे खास होते हैं, वो कुछ पल के लिए ही पास होते हैं 💯
कितना अजीब है लोगों का अंदाज़-ए-मोहब्बत, रोज़ एक नया ज़ख्म देकर कहते हैं अपना ख्याल रखना ✨
“मतलब निकल गया तो वो पहचानते भी नहीं, कल तक जो कहते थे कि बिन तुम्हारे हम कुछ भी नहीं।” 💯
“जब खुद की अहमियत खत्म होने लगे किसी की ज़िन्दगी में, तो चुपचाप पीछे हट जाना ही सबसे बेहतर होता है।” 🚶♂️
मत हो उदास किसी के लिए ऐ दिल, जान भी दे देंगे तो लोग कहेंगे कि इसकी उम्र ही इतनी थी 💯
“मजबूर नहीं करेंगे तुम्हें बात करने के लिए, पर तुम्हारी एक आवाज़ सुनने की हसरत आज भी है।” 🎙️
“दफन कर दिया हमने वो सारा प्यार कहीं, जिसकी कोई कदर करने वाला ही नहीं था।” ⚰️
नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नहीं, इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यों नहीं 😔
“हम वो शायर हैं जो अपनी बर्बादी का जश्न मनाते हैं, लोग तालियाँ बजाते हैं और हम अपना दर्द सुनाते हैं।” 💯
“यहाँ लोग हाथ मिलाकर रिश्ते नहीं जोड़ते, बल्कि अपनी ज़रूरत के हिसाब से हाथ मिलाते हैं।” 🤝
इश्क का धंधा ही बंद कर दिया साहब, मुनाफे में जेब जले और घाटे में दिल 💯
जिंदा हूँ तब तक तो हालचाल पूछ लिया करो, मरने के बाद हम भी आजाद तुम भी आजाद 💔
“अजीब है ये मोहब्बत का दस्तूर भी, जिसने दिल तोड़ा, वही उसे जोड़ने की दवा भी है।” 🩹
“रिश्तों की उम्र अब बहुत छोटी हो गई है, अब लोग एक-दूसरे को समझने से ज़्यादा आज़माने लगे हैं।” 💯
उम्मीद तो उसी दिन छोड़ दी, जब तुम्हें उस अजनबी के करीब देखा था 💔
भरोसा…….एक ने तोड़ा है मेरा
मगर दुनिया से नफ़रत हो गई है
जितना सब्र करना था कर लिया मैंने,
अब तुम ना ही मिलो तो बेहतर हैं।
जो चाह कर भी पूरी ना हो सकी,
उन ख्वाहिशों में एक नाम तुम्हारा भी हैं।
सुना था मोहब्बत मिलती है मोहब्बत के बदले, हमारी बारी आई तो रिवाज ही बदल गया 🥺
“ज़िन्दगी की कड़वाहट का स्वाद तब पता चला, जब अपनों ने मीठे लफ्ज़ों में ज़हर पिलाया।” 🍷
उस किताब सा हूँ मैं, जिसे तुमने कई बार पढ़ा लेकिन कभी समझा नहीं 📓
“ज़रूरत से ज़्यादा वक्त देना भी एक गुनाह है, लोग इसे कदर नहीं, आपकी मजबूरी समझ लेते हैं।” ⏳
माना कि तुझसे दूरियाँ कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं, पर तेरे हिस्से का वक्त आज भी तन्हा गुजरता है 😔
चेहरे की हँसी तो बस दिखावे की
खातिर है ऐ दोस्त
वरना दर्द तो इतना है कि ढंग से सोया भी ना जाता
“ज़ख्म तो भर गए, पर निशानों ने ज़िन्दगी भर का सबक दे दिया।” 📜
कैसे करूँ मैं साबित कि तुम याद बहुत आते हो, एहसास तुम समझते नहीं और अदाएं हमें आती नहीं 😊
अब मैं अपना वक्त बर्बाद नहीं करता
जो चले गए है उन्हें याद नहीं करता।
पता नहीं होश में हूँ या बेहोश हूँ मैं, पर बहुत सोच समझ कर खामोश हूँ मैं 🤫
“इतने भी सस्ते नहीं थे हम, बस तुम्हारी खातिर खुद को मिट्टी कर बैठे।” 🥀
आज परछाई से पूछ ही लिया क्यों चलती हो मेरे साथ, उसने भी हँसकर कहा और है कौन तेरे साथ ❤️
जिंदगी कैसी अजीब हो गई है, खुश दिखना खुश होने से ज्यादा जरूरी हो गया है 😊
“सच्ची मोहब्बत की बस इतनी सी कहानी है, एक खामोश खड़ा है और दूसरा यादों का कैदी है।” ⛓️
नफरत करना तो हमने कभी सीखा ही नहीं, मैंने तो दर्द को भी चाहा है अपना समझ कर 🥰
कौन कहता है कि वक्त बहुत तेज़ है, कभी किसी का इंतज़ार तो करके देखो ⌚
धोखा देने के लिए शुक्रिया तेरा, तुम न मिलती तो दुनिया की समझ न आती 💯
रोये बगैर तो प्याज भी नहीं कटता, यह तो जिंदगी है जनाब ऐसे कैसे कट जाएगी 😭
पूछा ऊपर वाले से मैंने कि मेरी मोहब्बत अधूरी क्यों लिखी, वो भी कहकर रो पड़ा मुझे भी राधा कहाँ मिली 🥺
अहतियात बहुत जरूरी हैं,
चाहे सड़कें पार कर रहे हो या हदे,
“शहर का शहर सो गया चैन की नींद, बस एक मेरा ही दर्द है जो जाग रहा है।” 🌙
“बेशुमार ज़ख्मों की मिसाल हूं मै”
“फिर भी हंस लेता हूं कमाल हूं मै”
“अब हम किसी के लिए खास नहीं रहे, बस एक पुरानी बात हो गए।” 🚩
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